Thursday, 2 March 2017

पूर्व की ओर बहने वाली प्रायद्वीपीय नदी

पूर्व की ओर बहने वाली प्रायद्वीपीय नदी


प्रायद्वीपीय नदिया हिमालयी नदियों से काफी पुरानी है । उनकी सहायक नदियों के साथ-साथ पूर्व की ओर बहने वाली नदियों की एक बड़ी संख्या हैं। वहाँ छोटी नदियों भी है जो बंगाल की खाड़ी में मिलती हैं, हालांकि छोटी है पर ये अपने आप में महत्वपूर्ण हैं। सुबर्णरेखा, बैतरणी, ब्राह्मणी, वमसधरा, पेन्नार, पलार और वैगई महत्वपूर्ण नदियां हैं।
नदियों
जलग्रहण क्षेत्र (वर्ग । किमी)
सुवर्णरेखा
19,296
बैतरणी
12,789
ब्राह्मणी
39,033
पेन्नार
55,213
पलार
17,870
• सुवर्णरेखा: यह छोटानागपुर पठार से निकलती है। रांची और सिंघभूम के जिलों के माध्यम से बहकर यह बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है।
• बैतरणी: यह केंदुझार (ओडिशा) की पहाड़ियों से निकलती है और दक्षिण पश्चिम की और बहती है और बंगाल की खाड़ी में बह जाती है।
• ब्राह्मणी: नदिय दक्षिण कोयल और संख राउरकेला (ओडिशा) के पास में मिल जाती है।  इस संगम के बाद संयुक्त नदीया  ब्राह्मणी कहलाती है जो व्हीलर द्वीप के पास बंगाल की खाड़ी (ओड़िशीअन  कोस्ट) में बह जाती है।
• वमसधरा: यह ओडिसा के दक्षिणी भाग में निकलती है। यह आंध्र प्रदेश के  माध्यम से बहती है और बंगाल की खाड़ी में बह जाती है।
• पेन्नार:  नदी उत्तरी पेन्नार कर्नाटक में नन्दिदुर्ग  की पहाड़ियों से निकलती है। आंध्र प्रदेश के माध्यम से  बहते हुए ये  बंगाल की खाड़ी में बह जाती है।  नदी दक्षिणी पेन्नार केशव (कर्नाटक) की पहाड़ियों से निकलती है। नदी उत्तरी पेन्नार के दक्षिण की ओर बहते हुए यह बंगाल की खाड़ी में बह जाती है।
• पलार: यह कर्नाटक के कोलार जिले से निकलती है। आंध्र के चित्तूर जिले के माध्यम से  यह तमिलनाडु के आर्कोट जिले तक पहुँचती  है और अंत में बंगाल की खाड़ी में बह जाती है। नदी पोनी और नदी चेयर  पलार नदी की  दो मुख्य सहायक नदियाँ है।
• वैगई: यह मदुरै में वर्षानद की पहाड़ियों, रामनाथपुरम आदि में से निकलती है। यह मंडपम के पास पाक खाड़ी में बह जाती है।

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